आज भी जीवित है भगवान हनुमान जी, नासा के वैज्ञानिकों ने भी माना

इस दुनिया में जन्म और मृत्यु  तो हर इंसान की  निश्चित है। ऐसा कहा जाता है कि जो पैदा होता है उसको एक न एक दिन अवश्य मरना होता है। परन्तु ऐसा माना जाता है की प्राचीन काल में जब देवी देवताओं का राज्य था तब अनेक ऋषियों मुनियों को अमर रहने का वरदान देवताओं द्वारा प्रसन्न होने से मिलता था। ऐसे  ही कहा जाता है की श्री राम भगवान् के सबसे प्रिय भक्त हनुमान जी थे।

हनुमान जी श्री राम की आज्ञा का पालन करने के लिए कुछ भी कर सकते थे। उन्होंने माता सीता को वापिस लाने के लिए लंका तक को जला दिया था। हनुमान जी माता सीता के भी परम भक्त थे इसीलिए ऐसा मन जाता है की हनुमान जी को माता सीता द्वारा  अमर होने का वरदान मिला था।

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आज भी श्रीलंका के जंगलों में रह रहे आदिवासियों द्वारा यह दवा किया जाता है की उन्होंने हनुमान जी को देखा है। परन्तु कोई भी इस बात पर इतनी आसानी से विश्वास नहीं कर सकता। शोधकर्ताओं के आगे यह बहुत बड़ी चुनौती थी कि हनुमान जी को सामने देखा गया। इसी बात का पता लगाने के लिए अमेरिका के शोधकर्ताओं ने श्रीलंका के जंगलों में जाकर पता लगाया।

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श्रीलंका में एक सेतु हनुमान संस्था है जो हनुमान जी पर शोध कर रहे हैं। उन शोधकर्ताओं के अध्यन द्वारा बताया गया की आदिवासी दवा करते हैं कि 41 सालों में एक बार हनुमान जी दर्शन देने के लिए आते हैं। आदिवासी द्वारा बताया गया है कि वह 41 वर्ष तक हनुमान जी की सच्चे मन से साधना करते रहते हैं। उनका कहना है कि हनुमान जी को उनकी हर एक मनोकामना के बारे में पहले ही पता होता है। आदिवासी लोगों ने एक रजिस्टर भी लगा रखा है जिसके उपर वह अपनी समस्या लिख देते हैं जिसके उत्तर हनुमान जी लिख के छोड़ देतें है। आदिवासी लोगों का कहना है कि हनुमान जी अपने पुरे शरीर के साथ उनको दर्शन देने आते हैं। हनुमान जी की याद में ही वह आत्म मण्डली नाम का त्यौहार भी मनाते है।

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